Sunday, 5 February 2012

द्रोपदी यदि चुप रहती तो..........

!!...श्री राधे...!!
द्रोपदी यदि चुप रहती तो महाभारत नहीं होता !
सीता यदि बोलतीं तो रामायण की रचना नहीं होती !
इस प्रकार....
हमें क्या नहीं करना चाहिए ...ये महाभारत सिखाता है !
हमें क्या करना चाहिए ....ये रामायण सिखाती है !

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